अदाणी ग्रुप ने कहा, वह किसानों से अनाज नहीं खरीदता, केवल एफसीआई के लिए भंडारण करता है

Category : बिजनेस, खेल, | Sub Category : सभी Posted on 2020-12-10 22:38:03


अदाणी ग्रुप ने कहा, वह किसानों से अनाज नहीं खरीदता, केवल एफसीआई के लिए भंडारण करता है

अदाणी ग्रुप ने कहा, वह किसानों से अनाज नहीं खरीदता, केवल एफसीआई के लिए भंडारण करता है
नई दिल्ली. कृषि सुधार बिल के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शनों में अपना नाम आने को लेकर, अदाणी ग्रुप ने कहा है कि वह न तो किसानों से अनाज खरीदता है और न ही अनाज का मूल्य तय करता है. पोर्ट से लेकर एनर्जी सेकटर तक में सक्रिय, इस ग्रुप ने कहा कि यह केवल फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के लिए अनाज के साइलोज विकसित और संचालित करता है.
ग्रुप ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा है कि भंडारण की मात्रा तय करने और अनाज का मूल्य निर्धारित करने में कंपनी की कोई भूमिका नहीं है, क्योंकि यह केवल एफसीआई के लिए एक सेवा बुनियादी ढांचा प्रदान करती है.
एफसीआई किसानों से अनाज खरीदता है और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिये निर्मित साइलोज में संग्रह  करता है. निजी कंपनियों को अनाज भंडार निर्माण और भंडारण के लिए एक फीस दी जाती है, कमोडिटी के स्वामित्व के साथ-साथ इसके मार्केटिंग और वितरण अधिकार एफसीआई के पास हैं. एफसीआई ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए अनाज की खरीद और आवाजाही को नियंत्रित करता है.
ग्रुप ने कहा कि हम किसानों से खरीदे गए किसी भी अनाज के मालिक नहीं हैं, और अनाज के मूल्य निर्धारण से किसी रूप में नहीं जुड़े हैं. अदाणी ग्रुप ने कहा कि वह 2005 से एफसीआई के लिए अनाज साइलोस के विकास और परिचालन के व्यवसाय में है. अदाणी ग्रुप भारत सरकार द्वारा लाई गई प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी निविदा हासिल करने के बाद भंडारण के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करता है. बयान में कहा गया है कि इन निविदाओं के हिस्से के रूप में, ग्रुप ने निजी रेल लाइनों को बनाया है, ताकि साइलो यूनिट से पूरे भारत में वितरण केंद्रों तक अनाज की आवाजाही को आसान बनाया जा सके. बयान में बताया है कि एफसीआई देश में भंडारण और परिवहन के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए ऐसे अनुबंध करता है, ताकि अनाज का सुरक्षित रूप से संग्रह किया जा सके और पीडीएस प्रणाली को गुणवत्ता वाली वस्तुओं की आपूर्ति की जा सके.
अदाणी ग्रुप ने कहा कि कीचड़ उछालने के लिए चल रहे मुद्दों का इस्तेमाल करना एक जिम्मेदार कॉरपोरेट की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का न केवल एक स्पष्ट प्रयास है, बल्कि जनता की राय को भी गलत राह पर ले जाता है और उसकी भावना को आहत करता है.
एफसीआई ने अनाज के भंडारण हेतु निजी निवेशकों के साथ दो से चार साल के लिए नवीनतम फयूमिगेशन और प्रीजर्वेशन तकनीक-युक्त उच्च तकनीक वाले साइलोज को कमीशन करने और अनाज को पूरे भारत में विशेष ट्रेनों के माध्यम से थोक में भेजने के लिए साझेदारी की है. अनुमान है कि स्थापना के बाद से, कुछ प्रमुख निजी अनाज भंडारण केंद्रों ने पिछले पांच वर्षों में किसानों से लगभग 80,000 टन प्रति वर्ष की औसत प्रत्यक्ष प्राप्ति दर्ज की है.

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