हमारे पास कहने के लिए एक खूबसूरत कहानी है - जेनेलिया डिसूजा
- देखिए इट्स माय लाइफ, जी सिनेमा पर 29 नवंबर को दोपहर 12 बजे
इट्स माय लाइफ को जी सिनेमा पर 29 नवंबर को दोपहर 12 बजे देखा जा सकेगा. इसके बारे में जेनेलिया डिसूजा ने बताया कि मैंने तेलुगु में फिल्म इट्स माय लाइफ की है और इसके लिए मुझे काफी तारीफें मिली थीं. मुझे अब भी वहां राजसी के मेरे किरदार के नाम से ही जाना जाता है। इसके लिए मुझे फिल्म फेयर अवार्ड और स्टेट अवार्ड भी दिया गया था. जब मुझे पता चला कि यह हिंदी में बनाई जा रही है, तो मुझे उम्मीद थी कि मैं भी इस फिल्म में काम करूंगी. क्योंकि अक्सर मेरी कई फिल्में यहां बनाई जाती रही हैं जैसे रेडी, लेकिन कभी-कभी आपको इसे दोबारा करने का मौका नहीं मिलता. मुझे वाकई खुशी है कि मुझे इसे हिंदी में करने का मौका मिला है, क्योंकि इसने तमिल में बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया था. मैं उम्मीद कर रही थी इस फिल्म की रिलीज पहले होगी, लेकिन यह अच्छा है कि कम से कम यह रिलीज हो रही है, क्योंकि इस फिल्म की कहानी रिश्तों के बारे में है. आप जानते हैं कि जब एक पिता और उसके बच्चे का रिश्ता हो तो यह उतना साधारण नहीं होता. मुझे नहीं लगता कि इस रिश्ते में किसी का भी मकसद एक दूसरे को चोट पहुंचाना होता है. लेकिन कभी-कभी यह सिर्फ गुस्से और एक सोच के बारे में होता है, जैसा कि इस फिल्म के प्रोमो में दिखाया गया है कि पिता अपने बच्चे के लिए सबसे अच्छा चाहता है और बच्चा अपना खुद का रास्ता चुनना चाहता है. इसमें कम्युनिकेशन गैप या गलतफहमियां होती हैं लेकिन ज्यादातर परिवारों के लिए यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. जब मैंने पहली बार यह फिल्म देखी, तो मैंने महसूस किया हमारे पास कहने के लिए एक खूबसूरत कहानी है. मुझे खुशी है कि यह फिल्म रिलीज हो रही है. यह कहानी बहुत दमदार है.
यह फिल्म आज के समय में बहुत सामयिक फिल्म है. असल में मैंने यह फिल्म तीन भाषाओं में की है। मैंने पहले इसे तेलुगु में किया, फिर तमिल में और अब मुझे खुशी है कि हिंदी फिल्म भी रिलीज हो रही है. मुझे लगता है कि इस मुद्दे से सभी लोग जुड़ सकते हैं. जब मैंने पहली बार यह फिल्म की थी तो मैंने डायरेक्टर से इस बारे में पूछा था. तब उन्होंने कहा कि हम सभी में कुछ ना कुछ नकारात्मक बातें होती हैं जो कि असल में नकारात्मक नहीं होतीं बल्कि एक दूसरे के प्रति गलतफहमियां होती हैं और एक समय पर ये बातें बहुत नकारात्मक बन जाती हैं.
