संविधान दिवस पर एण्डटीवी के कलाकारों ने डॉ बी. आर. आम्बेडकर को किया याद
इंदौर. संविधान दिवस पर एण्ड टीवी पर प्रसारित सीरियल एक महानायक डाॅ. भीमराव आम्बेडरक के कलाकारों ने संविधान निर्माता डाॅ भीमराव आम्बेडकर को याद किया. स्मृतिसुुशीलकुमार शिंदे के सोबो फिल्म्स द्वारा निर्मित यह सीरियल हर सोमवार की रात 8.30 बजे एण्ड टीवी पर प्रसारित होता है. उल्लेखनीय है कि हर साल, 26 नवंबर को देश भारत के संविधान को अपनाए जाने की याद में जश्न मनाया जाता हैै. 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया, और 26 जनवरी 1950 में यह संविधान लागू किया गया था. 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है. याद करने वालों में एण्डटीवी के शो, एक महानायक डॉ बी. आर. आम्बेडकर के मुख्य कलाकारों भीमाबाई (नेहा जोशी) और रामजी सकपाल (जगन्नाथ निवानगुने) शामिल थे. उन्होंने भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ.बी.आर आम्बेडकर को याद किया, और इस समाज में उनके द्वारा किए गए अपार योगदान के बारे में बात की. जगन्नाथ निवानगुने ने कहा, डॉ.बी.आर. आम्बेडकर को भारतीय संविधान के जनक के रूप में जाना जाता है. एक विद्वान के रूप में उनके यश ने उन्हें भारत का पहला कानून मंत्री और बाद में 29 अगस्त 1947 में संविधान का प्रारूप बनाने के लिए उन्हें कमिटी का अध्यक्ष बनाया. भारतीय संविधान के शिल्पकार के रूप में, डॉ बी.आर. आम्बेडकर एक लीडर के रूप में बहुत ही श्रेष्ठ थे और उनकी विरासत बेमिसाल थी. उनका मानना था कि भारत की राष्ट्रीय उन्नति एक ही तरह से प्रोत्साहित हो सकती है और एक राष्ट्र एक संविधान की एकीकृत संहिता ही इसमें स्थिरता लाती है. हमारे संविधान दिवस पर, आइए हम उन्हें उनके महान कार्यों और हमारे समाज में उनके योगदान के लिए याद करें. नेहा जोशी ने कहा, डॉ.बी.आर. आम्बेडकर, महिला अधिकार आंदोलन का नेतृत्व करने वाले पहले लीडर थे. उनकी आवाज महिला सशक्तिकरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवाज में से एक थी. उन्होंने हिन्दू विवाह अधिनियम के अनुसार, हिन्दू उत्तराधिकार, अभिभावकता अधिनियम और हिन्दू संहिता विधेयक के माध्यम से, महिला समुदायों को उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए आवाज दी और उन्हें पुरुषों के साथ कंधें से कंधा मिलाकर खड़े होने के लिए प्रोत्साहित किया. डॉ बी.आर.आम्बेडकर ने एक राष्ट्र और एक संविधान के दायरे के अंदर लाखों भारतीयों को लाकर एकीकृत भारत की नींव रखी. उनकी शिक्षा और उनके सिद्धांत पूरे देश में भारतीयों के साथ आज भी गूंजते है. और डॉ आम्बेडकर को याद करने के लिए और भारतीय संविधान को आकार देने और उनके अपार योगदान को समझने का हमारे संविधान दिवस से बेहतर क्या दिन होगा.
एण्ड टीवी का शो ‘एक महानायक- डॉ बी.आर. आम्बेडकर‘ बाबासाहेब की एक प्रेरणादायक कहानी है और उनके भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार बनने और उनके योगदान के सफर के बारे में हैं.
