स्वच्छ हवा के लिए साथ काम करेंगे सीएसआईआर और नोवोर्बिस
शहरों को स्वच्छ हवा देने के मिशन पर लगे सस्टेनेबल स्टार्टअप नोवोर्बिस के युवा इंजीनियरों ने एक और सफलता अपने नाम की है. स्टार्टअप फाउंडर्स हर्ष नीखरा, दिव्यांक गुप्ता व गगन त्रिपाठी के साथ मेंटर समीर शर्मा ने, भारत की अग्रणी रिसर्च संस्था सीएसआईआर-सीएसआईओ के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस ऑनलाइन एमओयू सेरेमोनियल कार्यक्रम में सीएसआईआर के डायरेक्टर, रिसर्च टीम और नोवोर्बिस टीम, अपनी प्रेरणा जनक दीदी के साथ उपस्थित रही. दोनों कंपनियों के बीच हुआ यह गठबंधन नोवोर्बिस को आउटडोर एयर प्यूरीफायर के उन्नत वर्जन बनाने में सहयोग करेगा. इसके अलावा प्रेरणाश्रोत जनक दीदी के नाम पर डीजल जेनरेटर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम का उद्याटन भी किया गया.
इस मौके पर सीएसआईओ की निदेशक प्रो. एस. अनंत रामकृष्ण ने कहा, सीएसआईओ ने वायु शोधन समाधान प्रदान करने वाली कंपनी नोवोर्बिस आईटीयूएस के साथ प्रदूषक क्षरण के लिए प्राचीन डोप फोटोकैटलिटिक सामग्रियों के डिजाइन के लिए एक रिसर्च प्रायोजित अनुसंधान-सह-लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. वहीं वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. शेखर सी. मांडे ने कहा कि इससे बड़े पैमाने पर समाज के लिए उपयोगी उत्पादों के विकास में मदद मिलेगी और विशेष रूप से स्टार्ट-अप को सहायता प्रदान की जाएगी.
नोवोर्बिस के एक फाउंडर गगन त्रिपाठी ने कहा कि, यह आउटडोर प्यूरिफायर ट्रैफिक चैराहों, हॉस्पिटल्स, बड़ी टाऊनशिप, स्टेडियम, रोड्स, एयरपोर्ट्स, फैक्ट्री और जहां वायु प्रदूषण वाहन या फैक्ट्री में होते हैं, उसे न सिर्फ नियंत्रण करेंगे बल्कि शुद्ध वायु वातावरण में उत्सर्जित करेगें.
बता दें कि नोवोर्बिस के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है यह देश का पहला क्लीन एयर स्टार्टअप है जो भारत सरकार के साथ कार्य करेगा. नोवोर्बिस को देश के सबसे इनोवेटिव 5 स्टार्टअप्स में से एक चुना गया है. इसके अलावा सस्टेनेबल डेवेलपमेंट कार्यों के लिए मशहूर जनक पलटा दीदी को समर्पित कंपनी का पहला डीजल जेनरेटर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम का निर्माण भी किया है, जो हर जेनरेटर पर लगकर उसके धुएं को शुद्ध हवा में परिवर्तित करता है. इसका नामकरण ‘जनक’ किया है जो दीदी को उनके कार्यों के प्रति समर्पित है.
